Resizing & scaling in the hindi

 Resizing & Scaling and object आब्जेक्ट की रिसाइजिंग और स्केलिंग करना.....

Resizing और scaling किसी भी object को आकार में बदलने की प्रक्रियाएँ होती हैं। आइए दोनों को समझते हैं:

1. Resizing (आकार बदलना): Resizing का मतलब होता है किसी object के आकार को बड़ा या छोटा करना। इसमें object की width और height को adjust किया जाता है ताकि वह नए आकार में फिट हो सके। Resizing के दौरान object का aspect ratio (चौड़ाई और ऊँचाई का अनुपात) बदल सकता है।

उदाहरण: अगर आपके पास एक फोटो है जिसका आकार 800x600 पिक्सल है और आप इसे 400x300 पिक्सल करना चाहते हैं, तो आप फोटो को resize कर रहे हैं।

2. Scaling (माप बदलना): Scaling का मतलब होता है object को एक निश्चित अनुपात में बड़ा या छोटा करना, जिससे उसका aspect ratio बना रहता है। Scaling करने से object की original proportions (अनुपात) बरकरार रहती हैं।

उदाहरण: अगर आप किसी चित्र को 2x से बढ़ाते हैं, तो उसकी चौड़ाई और ऊँचाई दोनों ही दुगुनी हो जाएंगी, लेकिन चित्र का aspect ratio वही रहेगा।

संक्षेप में:

Resizing में आप object का आकार बदलते हैं, जिससे उसकी चौड़ाई और ऊँचाई दोनों को अलग-अलग adjust किया जा सकता है।

Scaling में object को एक fixed proportion में बढ़ाया या घटाया जाता है, ताकि object का original 

अनुपात बना रहे।

Creating and using master slide....

Master Slide PowerPoint या किसी अन्य presentation software में एक template slide होती है, जो पूरे presentation की formatting और design को नियंत्रित करती है। जब आप Master Slide को customize करते हैं, तो उसका प्रभाव पूरे presentation की slides पर पड़ता है।


Master Slide बनाने और इस्तेमाल करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:


1. Master Slide खोलें (Open Master Slide):

PowerPoint में जाएं।

View (दृश्य) टैब पर क्लिक करें।

वहां Slide Master (स्लाइड मास्टर) का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।

अब आपके सामने Slide Master View खुल जाएगा।

2. Master Slide में बदलाव करें (Modify Master Slide):

Slide Master View में सबसे ऊपर वाली स्लाइड Master Slide होती है।

इस स्लाइड पर आप background, fonts, colors, और layout को बदल सकते हैं।

जो भी आप Master Slide पर बदलते हैं, वह पूरे presentation में लागू हो जाता है।

3. Layout को Customize करें (Customize Layouts):

Master Slide के नीचे आपको अलग-अलग layouts दिखेंगे, जैसे Title Slide, Content Slide आदि।

इन individual layouts को भी आप customize कर सकते हैं ताकि विभिन्न स्लाइड्स में भी अलग-अलग डिज़ाइन हो सके।

4. Master Slide का प्रयोग करें (Use the Master Slide):

Master Slide से बाहर निकलने के लिए, Slide Master टैब में Close Master View (मास्टर दृश्य बंद करें) पर क्लिक करें।

अब आप नई slides डालेंगे, तो वे Master Slide में किए गए सभी बदलावों को follow करेंगी।

5. Slide Layout बदलें (Change Slide Layout):

अगर आप presentation में किसी existing slide का layout बदलना चाहते हैं, तो:

उस slide पर जाएं।

Home (होम) टैब में जाकर Layout (लेआउट) चुनें।

यहां से आप Master Slide में बने हुए layouts में से कोई भी चुन सकते हैं।


फायदे (Advantages of Master Slide):

Consistency (समानता): पूरे presentation में एक समान डिज़ाइन रहती है।

Time-saving (समय की बचत): हर स्लाइड को अलग-अलग डिज़ाइन करने की जरूरत नहीं होती।

Easy Updates (आसान अपडेट्स): एक बार Master Slide को बदलकर सभी slides में बदलाव किया जा सकता है।

इस तरह Master Slide का प्रयोग करके आप आसानी से अपने p

resentation की formatting और design को manage कर सकते हैं।

Presentation of slidesप्रजेन्टेशन आफ स्लाइड ....

Choosing a set up of presentation ....

प्रेजेंटेशन सेटअप चुनना आपके प्रस्तुति की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सही सेटअप आपके संदेश को स्पष्ट और पेशेवर ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करता है। यहाँ प्रेजेंटेशन सेटअप चुनने के कुछ मुख्य बिंदु दिए गए हैं:


1. प्रेजेंटेशन का उद्देश्य (Purpose of the Presentation):


सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि प्रेजेंटेशन का उद्देश्य क्या है:

क्या यह किसी मीटिंग या सेमिनार के लिए है?

क्या यह शिक्षण के लिए है या व्यापारिक प्रस्ताव के लिए?

आपका लक्ष्य है जानकारी देना, प्रेरित करना, या बिक्री बढ़ाना?

2. दर्शकों को समझें (Know Your Audience):


आपके प्रेजेंटेशन का सेटअप आपके दर्शकों पर निर्भर करता है:क्या वे छात्र, शिक्षक, कारोबारी, या सहकर्मी हैं?

उनका ज्ञान स्तर क्या है? यदि वे विषय में नए हैं, तो आपको अधिक विस्तृत और सरल स्लाइड्स की आवश्यकता होगी।

दर्शकों की रुचि और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही सेटअप तैयार करें।

3 • टेम्पलेट और डिज़ाइन चुनना (Choose the Right Template and Design):

एक सरल और पेशेवर डिज़ाइन चुनें जो आपके ब्रांड या विषय के अनुरूप हो।


PowerPoint या Google Slides में पहले से उपलब्ध टेम्पलेट्स का उपयोग कर सकते हैं, या आप अपना कस्टम टेम्पलेट बना सकते हैं।


रंग संयोजन (Color Scheme) ऐसा चुनें जो आपके संदेश को स्पष्ट करे और आंखों को सुकून दे।


फॉन्ट स्टाइल पढ़ने में आसान होनी चाहिए। उदाहरण: Arial या Calibri।

4. स्लाइड का क्रम (Slide Structure):


एक उचित स्लाइड संरचना तैयार करें। इसमें मुख्य बिंदुओं को दर्शाने के लिए एक आरंभ, मध्य और समाप्ति होनी चाहिए।


पहली स्लाइड में प्रेजेंटेशन का शीर्षक और आपका नाम या कंपनी का नाम होना चाहिए।


मध्य स्लाइड्स में मुख्य जानकारी रखें और इसे साफ और संगठित तरीके से प्रस्तुत करें।


अंतिम स्लाइड में सारांश (summary) या निष्कर्ष (conclusion) दें।

5. सामग्री का चयन (Content Selection):

स्लाइड्स पर केवल मुख्य बिंदु लिखें, पाठ (text) कम और दृश्य सामग्री (visuals) ज्यादा होनी चाहिए।

ग्राफ़िक्स, चित्र, और चार्ट का प्रयोग करें ताकि आपकी बातें अधिक स्पष्ट हों।


बहुत अधिक जानकारी देने से बचें; हर स्लाइड पर एक विचार या मुख्य बिंदु रखें।

6. टेक्नोलॉजी का चुनाव (Choose the Right Technology):

आप किस उपकरण पर प्रेजेंटेशन दे रहे हैं? प्रोजेक्टर, लैपटॉप, या ऑनलाइन माध्यम (जैसे Zoom)?

यदि प्रेजेंटेशन ऑनलाइन है, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन और सही सॉफ़्टवेयर (जैसे Zoom, Microsoft Teams) हो।

सुनिश्चित करें कि फॉन्ट, इमेजेस, और वीडियो ठीक से चलें। वीडियो या ऑडियो फ़ाइलें सही फ़ॉर्मेट में होनी चाहिए।

7. प्रैक्टिस और टाइमिंग (Practice and Timing):

प्रेजेंटेशन देने से पहले उसकी प्रैक्टिस जरूर करें।

हर स्लाइड पर रुकने का समय निर्धारित करें ताकि पूरी प्रेजेंटेशन समय के अनुसार हो।

दर्शकों के सवालों के लिए समय भी बचा कर रखें।

8. इंटरैक्शन और प्रश्न-उत्तर (Interaction and Q&A):

प्रेजेंटेशन के दौरान अपने दर्शकों के साथ इंटरैक्टिव रहें।

सवालों के लिए अलग से एक Q&A सेशन रखें, जिससे आप अपने दर्शकों की शंकाओं का समाधान कर सकें।

9. बैकअप तैयार रखें (Have a Backup):

एक बैकअप फाइल जरूर बनाएं। इसे USB ड्राइव या क्लाउड स्टोरेज (Google Drive, OneDrive) में सेव करें ताकि किसी भी टेक्निकल समस्या की स्थिति में प्रेजेंटेशन सुरक्षित रहे।

अपने लैपटॉप या डिवाइस की बैटरी पूरी तरह से चार्ज रखें।

संक्षेप में: प्रेजेंटेशन सेटअप को सही ढंग से चुनने के लिए आपके उद्देश्य, दर्शक, सामग्री, और तकनीकी उपकरणों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा सेटअप चुने जो पेशेवर, सरल और प्रभावशाली हो ताकि आप अपने संदेश को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

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Inserting and deleting slide in a






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